The Blog

ईश्वर ने मनुष्य के प्रकाशरूपी जीवात्मा को दो अनमोल रत्न प्रदान किये हैं- ख़ुशी एवं असीम शांति । माँ के गर्भ मैं जीवात्मा को इस ज्ञान का बोध होता है किन्तु धीरे-धीरे वो इस रत्नरूपी अचल सचाई से विमुख होकर “मैं” शब्द मैं लीन हो जाता है । जैसे जैसे जीवन की गाडी बाल-अवस्था से

Continue Reading →

It really pains me to see so many talented young people end their precious lives on trivial issues. I say “trivial” as no problem is bigger than solution. The recent case of a young TV artist resorting to this shook the nation. There has to be a key to every lock, agree some keys are

Continue Reading →